इस कारण धौलछीनावासियों ने किया रामलीला कराने से इंकार.......

धौलछीना में इस बार आयोजित नहीं होगी रामलीला

धौलछीना में इस बार आयोजित नहीं होगी रामलीला
रामलीला मंचन में सहयोग देने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों का उत्पीड़न का आरोप
आयोजकों ने की जनप्रतिनिधियों और सरकार के रवैये की कड़ी निंदा

धौलछीना में दीपावली के नवरात्र में रामलीला की गूंज नहीं सुनाई देगा.. की रामलीला कमेटी ने इस बार रामलीला नहीं कराने का निर्णय लिया है। कमेटी ने रामलीला में सहयोग करने वाले सरकारी और गैरसरकारी कर्मचारियों को राजनीति का शिकार बनाने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि रामलीला में सहयोग देने वाले कर्मचारियों का उत्पीड़न करना निंदनीय है और सालों से चल रही रामलीला को अकारण राजनीति का शिकार बनाया गया। इसके चलते इस बार कमेटी रामलीला मंचन नहीं कराएगी। 
 पीडब्लूडी गेस्ट हाउस धौलछीना में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि  रामलीला में सहयोग देने वाले शिक्षक उमेश मनराल का इस मुददे पर उत्पीड़न किया जाना निंदनीय है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक उमेश मनराल रामलीला का निर्देशन करते हैं लेकिन इसे मुददा बनाकर उनका स्थानांतरण के लिए पत्र लिखा गया है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। 
बैठक में कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि  एक तरफ सरकार राम के नाम पर वोट मागने जनता के पास जाती है और दूसरी तरफ उसी सरकार के नेता और  एक शिक्षक को इसलिए हटाने की सिफारिश करते है कि वह रामलीला में रुचि लेता है। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कर्मचारी रामलीला में सहयोग देना अपराध नहीं है।  सभी ने इस कार्य की निंदा की और इस वर्ष रामलीला का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा  कि उत्पीड़न के डर से इस बार कोई भी सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारी सहयोग को तैयार नहीं है इसलिए रामलीला का आयोजन संभव नहीं है। 
बैठक में  कमेटी के कोषाध्यक्ष मोहन सिह जीना ने वार्षिक ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक की अध्यक्षता जमन सिंह महरा तथा संचालन खडक सिंह महरा ने किया। बैठक में खडक सिंह महरा, आनन्द सिंह रावत, मोहन सिंह जीना, चंदन मेहरा, गोपाल मेहरा, ठाकुर सिंह महरा, डूंगर सिंह, अमर सिंह, दलीप सिंह, व्यापार मंडल के अध्यक्ष दरबान सिंह आदि मौजूद थे। 

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