एेसे शिक्षक को सलाम...

गांव में स्कूल खोल नजीर बने हीरा बल्लभ जोशी
शिक्षक रहते हुए गांव में 1964 में खोला स्कूल
1989 में हुआ स्कूल का राजकीयकरण
स्कूल में पढ़ अनेक छात्र है अच्छे पदों पर
अल्मोड़ा। हमारे संवाददाता
गांव में स्कूल खोल नजीर बने है हीरा बल्लभ जोशी। सैंज गांव निवासी हीरा बल्लभ जोशी ने मुक्तेश्वर में शिक्षण कार्य करते हुए अपने गांव के बच्चों के लिए शिक्षा की महत्ता को समझते हुए 1964 में एक विद्यालय की स्थापना की। इस विद्यालय के लिए अपनी जमीन और ग्रामीणों से सहयोग लकर स्कूल बनाया। 
लमगड़ा ब्लाक के चौड़ा आनुली में हीरा बल्लभ जोशी ने 1964 में जिस माध्यमिक स्कूल का निमार्ण कराया वो वर्तमान में इंटर कालेज हो गया है। श्री जोशी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुक्तेश्वर में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए उस समय उनका वेतन मात्र 157-200 रुपया था। ऐसी स्थिति में भी उन्होंने अपनी स्वयं की भूमि व अन्य परिवारों की भूमि को दानकर स्वयं के धन से एक कक्ष का निमार्ण करवाया। कक्ष बनने के बाद उसमें माध्यमिक कक्षाओं का संचालन किया। विद्यालय को मान्यता दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ कुछ शिक्षकों के विरोध के बाद भी उन्होंने सबका विश्वास जीतते हुए विद्यालय को मान्यता दिलवाई। विद्यालय को मान्यता दिलाने में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी व प्रमुख समाजसेवी स्व. गोवर्धन तिवारी की भूमिका अहम रही। श्री जोशी ने विद्यालय का नाम निहित स्वार्थो को परे रखते हुए नेहरु माध्यमिक विद्यालय चौड़ा अनुली रखा। 1989 में स्कूल का राजकीय करण हो गया। उसके बाद 2006 में स्कूल का उच्चीकरण करते हुए इंटर कालेज बना दिया गया। इस विद्यालय में पढे़ अनेक छात्र देश भर में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके है और दे रहे है। गांव में एक कमरे में स्कूल खोलने वाले हीरा बल्लभ जोशी लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत बने हुए है। वर्तमान में हीरा बल्लभ जोशी प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त होकर हल्द्धानी में निवास कर रहे है। 
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स्कूल में बन रहा है स्टेडियम
वर्तमान में राजकीय इंटर कालेज चौड़ा आनुली में इंटमीडिएट की कक्षाएं दो वर्गो में संचालित हो रहा है। आज भी आर्थिक रुप से गरीब बच्चे इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। वर्तमान में स्कूल की कुल 30 नाली जमीन में एक स्टेडियम का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। 
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विद्यालय बनाने के लिए मीलो पैदल चलकर गांव पहुचते थे जोशी
पिछडे़ क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति जलाने के लिए हीरा बल्लभ जोशी हर शनिवार मुक्तेश्वर से पैदल चलकर गांव आना तथा विद्यालय के स्थापना के कार्यो की रूप रेखा बनाना और सोमवार को पैदल मुक्तेश्वर पहुॅचकर शिक्षण कार्य करते रहे। आज इस स्कूल में अनेक विद्यार्थी शिक्ष ग्रहण कर रहे है 

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