उसे था क्रिकेटर बनने का जुनून इसलिये उठाया यह कदम

 26 सितंबर को लापता हुआ आर्मी पब्लिक स्कूल का छात्र विशाल जड़ौत की सकुशल बरामदगी कर ली गई है। उसकी पुणे में बरामदगी में वहां के उत्तराखंड मूल के निवासियों व दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने काफी मदद की। यहां पुलिस कार्यालय में काउंसलिंग के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस बालक की गुमशुदगी अल्मोड़ा कोतवाली में दर्ज थी।
उल्लेखनीय है कि आर्मी पब्लिक स्कूल कक्षा 9 में पढ़ने वाला छात्र गत 26 सितंबर को लापता हो गया था। उसकी तलाश में परिजनों ने काफी प्रयास किये, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद अल्मोड़ा कोतवाली में उ सकी गुमशुदगी दर्ज की गई। अल्मोड़ा पुलिस के अनुसार इसकी विवेचना उप निरीक्षक संतोष देवरानी (चैकी बेस अस्पताल अल्मोड़ा) ने की। विवेचना में गुमशुदा विशाल के दिल्ली में होने की सूचना मिली। पुलिस टीम दिल्ली तलाश में गयी तो पता चला कि उक्त बालक मुरैना मध्य प्रदेश में है। मुरेना मध्य प्रदेश में पुलिस टीम द्वारा तलाश की गयी तो पता चला कि वह पूना (महाराष्ट्र) में है। जिस पर कांस्टेबल दिनेश सिंह रावत व उसके परिजनों के द्वारा विशाल को स्थानीय पुलिस के सहयोग से पूना रेलवे स्टेशन महाराष्ट्र से खोज लिया गया। बृहस्पतिवार को यहां पुलिस कार्यालय में काउंसलिंग के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
  • तो क्रिकेट के जुनून में घर से भागा था विशाल
    अल्मोड़ा। सम्भवतः क्रिकेट खेलने के जनून में विशाल घर से भाग गया था। विशाल ने अल्मोड़ा पुलिस व परिजनों को ऐसी ही कुछ जानकारी दी है। उसके अनुसार उसे क्रिकेट खेलने का बहुत शौक है तथा वह क्रिकेट अकादमी पूना में एडमिशन लेने बिना बताये घर से चला गया था। बतायी गयी कहानी के अनुसार वह पहले अल्मोड़ा से हल्द्वानी पहुंचा। जहां एक रात रहने के बाद दिल्ली और वहां से मध्य प्रदेश होते हुए पुणे पहुंच गया। विशाल के अनुसार वह 3-4 माह पूर्व ही पुणे जाने का मन बना चुका था। इधर विशाल के परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेस चैकी में तैनात कांस्टेबल दिनेश रावत तथा सर्विलांस क्राइम ब्रांच की मदद से उसे पुणे रेलवे स्टेशन से बरामद किया। विशाल की बरामदगी में सोशल मीडिया ने भी परिजनों व पुलिस की भरपूर मदद की।
  • बगैर आईडी के होटलों में कैसे रूका विशाल ?
    अल्मोड़ा। इस मामले में पुलिस के हाथ कई हैरान करने वाले तथ्य लगे हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले में कई लोगों ने विशाल को गलत राय दी। साथ ही पुणे के होटल लावाण्या में उसे बगैर आईडी के टिकाया गया। जिस पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है। वहां के सुरक्षा गार्ड को भी हटा दिया गया है।

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